पुणे जिल्ह्यात मतदारांच्या जुन्या व सध्याच्या नोंदींमध्ये आढळलेल्या तफावतींच्या ७ लाख २५ हजार ४९ मतदारांना सुनावणीची संधी; सर्वाधिक 28 लाख 69 हजार 888 नावे वगळण्याची शक्यता

पुणे- भारत निवडणूक आयोगाच्या निर्देशानुसार संपूर्ण राज्यातील एकूण 2 कोटी 07 लाख 03 हजार 268 मतदारांची ‘गणना प्रपत्र जमा न होणे’(फॉर्म अनकलेक्टेबल) या प्रवर्गात नोंद झाली आहे अशा मतदारांचे मतदार यादीतून वगळण्याची शक्यता असून यामध्ये सर्वाधिक पुणे, ठाणे व मुंबईतील संभाव्य मतदारसंख्या आहे. भारत निवडणूक आयोगाच्या निर्देशानुसार संपूर्ण राज्यात राबवण्यात येत असलेल्या 'विशेष सखोल पुनरीक्षण' (एसआयआर) मोहिमेतून अत्यंत धक्कादायक आणि गंभीर बाब समोर आली आहे. निवडणूक आयोगाच्या आदेशानुसार मतदार याद्यांची अचूकता तपासण्यासाठी आणि दुबार, स्थलांतरित किंवा मृत मतदारांची नावे वगळण्यासाठी एसआयआर मोहीम हाती घेण्यात आली आहे. या अंतर्गत २८८ मतदारसंघात 1 लाख 253 बीएलओंमार्फत घरोघरी जाऊन गणना प्रपत्रे भरून घेण्याचे काम करण्यात आले. या घरभेटींनंतर प्रशासनाला प्राप्त झालेल्या आकडेवारीनुसार 7 कोटी 71 लाख 50 हजार 584 मतदारांचेच गणना प्रपत्र भरून स्वाक्षरीसह प्राप्त होऊ शकले आहेत. दरम्यान पुणे जिल्ह्यात मतदारांच्या जुन्या व सध्याच्या नोंदींमध्ये आढळलेल्या तफावतींच्या ७ लाख २५ हजार ४९ मतदारांना सुनावणीची संधी दिली जाणार असून सर्वाधिक 28 लाख 69 हजार 888 नावे वगळण्याची शक्यता निर्माण झालेली आहे. 'विशेष सखोल पुनरीक्षण' (एसआयआर) मोहिमेचा राजकीय परिणाम देखील होणार आहे. कोणत्या मतदारसंघावर जास्त परिणाम होईल हे अंतिम मतदारयादी प्रसिद्ध झाल्यानंतरच स्पष्ट होईल. तरी २४ ऑगस्ट रोजी प्रसिद्ध होणाऱ्या प्राथमिक यादीकडे आणि त्यानंतर दाखल होणाऱ्या हरकतींकडे संपूर्ण राज्याचे लक्ष लागले आहे.
|
अ.क्र.
|
जिल्ह्याचे नाव
|
एकूण बीएलओ (BLOs)
|
एकूण मतदार
|
डिजिटाइज केलेले ईएफ (EFs)
|
संकलित न झालेले ईएफ (EFs)
|
|
नावे कायम राहणार
|
वगळण्याची शक्यता
|
|
1
|
पुणे
|
8417
|
9080173
|
6210278
|
2869888
|
|
2
|
ठाणे
|
6894
|
7450515
|
4588838
|
2861676
|
|
3
|
मुंबई उपनगर
|
7574
|
7830011
|
5165214
|
2664797
|
|
4
|
नागपूर
|
4610
|
4638589
|
3194241
|
1444257
|
|
5
|
नाशिक
|
4919
|
5104458
|
4075278
|
1029180
|
|
6
|
मुंबई शहर
|
2537
|
2555499
|
1603611
|
951888
|
|
7
|
पालघर
|
2274
|
2376053
|
1706382
|
669671
|
|
8
|
सोलापूर
|
3723
|
3941095
|
3321041
|
620054
|
|
9
|
औरंगाबाद
|
3264
|
3216167
|
2607340
|
608827
|
|
10
|
रायगड
|
2790
|
2533739
|
1948921
|
584787
|
|
11
|
जळगाव
|
3677
|
3552199
|
3037342
|
514857
|
|
12
|
कोल्हापूर
|
3450
|
3355244
|
2906149
|
449095
|
|
13
|
अहमदनगर
|
3830
|
3810102
|
3383342
|
426760
|
|
14
|
नांदेड
|
3088
|
2777073
|
2388951
|
388122
|
|
15
|
सांगली
|
2482
|
2573339
|
2191123
|
382216
|
|
16
|
अमरावती
|
2682
|
2545677
|
2192614
|
353063
|
|
17
|
सातारा
|
3165
|
2651347
|
2309825
|
341522
|
|
18
|
धुळे
|
1752
|
1835125
|
1540297
|
294827
|
|
19
|
अकोला
|
1741
|
1595644
|
1318678
|
276966
|
|
20
|
चंद्रपूर
|
2076
|
1797655
|
1527380
|
270275
|
|
21
|
यवतमाळ
|
2578
|
2253236
|
1988307
|
264929
|
|
22
|
जालना
|
1755
|
1682723
|
1439552
|
243171
|
|
23
|
बीड
|
2416
|
2193827
|
1953364
|
240463
|
|
24
|
लातूर
|
2142
|
2004450
|
1790013
|
214371
|
|
25
|
बुलढाणा
|
2288
|
2089965
|
1899002
|
190963
|
|
26
|
नंदुरबार
|
1434
|
1348574
|
1159925
|
188649
|
|
27
|
उस्मानाबाद
|
1523
|
1413864
|
1232391
|
181473
|
|
28
|
परभणी
|
1623
|
1541007
|
1360811
|
180196
|
|
29
|
वर्धा
|
1342
|
1137242
|
959113
|
178129
|
|
30
|
गोंदिया
|
1285
|
1123805
|
963234
|
160571
|
|
31
|
वाशिम
|
1100
|
1019519
|
885299
|
134220
|
|
32
|
भंडारा
|
1167
|
1010788
|
877427
|
133361
|
|
33
|
रत्नागिरी
|
1747
|
1329042
|
1197453
|
131589
|
|
34
|
गडचिरोली
|
972
|
828904
|
738299
|
90605
|
|
35
|
हिंगोली
|
1015
|
969385
|
884088
|
85297
|
|
36
|
सिंधुदुर्ग
|
921
|
688014
|
605461
|
82553
|
|
एकूण
|
100253
|
97854049
|
77150584
|
20703268
|
बीएलओंच्या घरभेटींचा अहवाल आणि उपलब्ध डेटाच्या आधारे एसआयआर पूर्ण झालेल्या मतदारांची प्राथमिक यादी २४ ऑगस्ट रोजी अधिकृतपणे प्रसिद्ध केली जाणार आहे. या प्रसिद्ध होणाऱ्या मतदार यादीवर ज्या नागरिकांना काही आक्षेप, हरकती किंवा दावे दाखल करायचे असतील, त्यांच्यासाठी २३ सप्टेंबरपासून प्रक्रिया खुली केली जाईल. २३ सप्टेंबरपासून प्राप्त होणाऱ्या सर्व दावे व हरकतींची रीतसर छाननी करून आणि सुनावणी पूर्ण करून २७ ऑक्टोबर रोजी सर्व मतदारसंघाची अंतिम मतदार यादी प्रसिद्ध केली जाणार आहे.
पुणे जिल्ह्यात सर्वाधिक 28 लाख 69 हजार 888 नावे वगळण्याची शक्यता
पुणे जिल्ह्यात विशेष पुनरिक्षण प्रक्रियेअंतर्गत (SIR) मतदारांच्या एन्युमरेशन फॉर्मच्या वितरणापासून ते डिजिटलायझेशनपर्यंतची प्रक्रिया आता अंतिम टप्प्यात पोहोचली आहे. जिल्ह्यातील तब्बल ९० लाख ८० हजार १७३ मतदारांना एन्युमरेशन फॉर्मचे वाटप करण्याचे काम ९९.९९ टक्के पूर्ण झाले असून, ९९.९४ टक्के फॉर्मचे डिजिटलायझेशनही पूर्ण झाले आहे. या प्रक्रियेदरम्यान मतदारांच्या जुन्या व सध्याच्या नोंदींमध्ये आढळलेल्या तफावतींच्या ७ लाख २५ हजार ४९ अॅनोमलीज समोर आल्या असून, संबंधित मतदारांना सुनावणीची संधी देण्यात येणार आहे. पुणे जिल्ह्यातील SIR अंतर्गत एन्युमरेशन फॉर्म वितरणाची मोहीम आता पूर्ण झाली आहे. जिल्ह्यात एकूण ९० लाख ८० हजार १७३ मतदार असून, त्यांना फॉर्म वाटपाची प्रक्रिया जवळपास शंभर टक्के पूर्ण झाली आहे. फॉर्मचे डिजिटलायझेशनही अंतिम टप्प्यात असून, आतापर्यंत ९९.९४ टक्के फॉर्म डिजिटल करण्यात आले आहेत.
वय, नाव अथवा मॅपिंगमधील तफावतींमुळे अॅनोमली डिजिटलायझेशनच्या प्रक्रियेत ७ लाख २५ हजार ४९ अॅनोमलीज आढळून आल्या आहेत. २००२ मधील मतदाराच्या नोंदीतील वय आणि सध्याच्या नोंदीतील वय यामध्ये अपेक्षित ताळमेळ नसणे, नावामध्ये काही चूक असणे किंवा मॅपिंगच्या प्रक्रियेत त्रुटी राहणे, अशा विविध कारणांमुळे अॅनोमली निर्माण होऊ शकते. विशेषतः मॅपिंग करताना दोन भावंडांमधील वयाचा फरक नऊ महिन्यांपेक्षा कमी दाखविला गेल्यासही सॉफ्टवेअरमध्ये अॅनोमली निर्माण होऊ शकते. त्यामुळे अॅनोमली आढळली म्हणजे संबंधित मतदाराची नोंद चुकीचीच आहे, असे गृहीत धरले जाणार नाही. अशा सर्व प्रकरणांची सुनावणी घेऊन आवश्यक ती पडताळणी केली जाणार आहे. अॅनोमलीमध्ये आलेल्या सर्व मतदारांसाठी सुनावणीच्या कालावधीत सॉफ्टवेअरच्या माध्यमातून नोटिसा जनरेट करण्यात येणार आहेत. त्यानंतर संबंधित मतदारांची सुनावणी घेऊन त्यांच्या नोंदींबाबत योग्य ती कार्यवाही करण्यात येणार आहे. अॅनोमलीप्रमाणेच ‘नो लिंकज’ असलेल्या मतदारांचीही सुनावणी घेण्यात येणार आहे. २००२ च्या मतदार यादीमध्ये ज्यांचे नाव नव्हते आणि त्यांच्याशी संबंधित आई, वडील, आजी, आजोबा किंवा अन्य नातेवाईकांची नोंद २००२ च्या यादीशी जोडता आली नाही, अशा मतदारांचा समावेश ‘नो लिंकज’मध्ये करण्यात आला आहे.
या मतदारांनाही त्यांची बाजू मांडण्याची संधी देण्यात येणार असून, सुनावणीनंतर नियमानुसार पुढील प्रक्रिया करण्यात येईल. दरम्यान, ASD (Absent, Shifted, Dead आणि Duplicate) मतदारांच्या सर्व विधानसभा मतदारसंघनिहाय याद्या जिल्हाधिकारी, पुणे यांच्या संकेतस्थळावर उपलब्ध करून देण्यात आल्या आहेत. नागरिकांनी या याद्यांमध्ये आपले नाव आहे किंवा नाही, याची तपासणी करावी, असे आवाहन जिल्हाधिकारी जितेंद्र डुडी यांनी केले आहे. ASD यादीमध्ये एखाद्या मतदाराचे नाव आढळल्यास संबंधित मतदाराने फॉर्म क्रमांक ६ भरून नव्याने मतदार नोंदणीसाठी अर्ज करणे आवश्यक आहे. एखादा मतदार पूर्वी गोवा, बिहार किंवा अन्य राज्यात मॅप झालेला असेल आणि त्याची नोंद महाराष्ट्रात करावयाची असेल, तर संबंधित जुन्या ठिकाणी फॉर्म क्रमांक ७ भरावा लागेल. त्यानंतर महाराष्ट्रात फॉर्म क्रमांक ६ भरून मतदार नोंदणी करावी लागेल.
मतदाराचा केवळ पत्ता बदलायचा असल्यास नियमानुसार फॉर्म क्रमांक ८ भरून पत्ता बदलाची प्रक्रिया करता येणार आहे. येत्या तीन दिवसांत निवडणूक नोंदणी अधिकारी (ERO) मतदारांकडून आवश्यक कागदपत्रे घेऊन अॅनोमली नोंदी दूर करण्याची प्रक्रिया राबविणार आहेत. सध्या ७ लाख २५ हजार ४९ अॅनोमली आणि ८ लाख १८ हजार ३९८ ‘नो लिंकज’ मतदार, असे एकूण १५ लाख ४३ हजार ४४७ मतदार सुनावणीसाठी अपेक्षित आहेत. मात्र, कागदपत्रांच्या पडताळणीतून अॅनोमली दूर झाल्यास संबंधित मतदारांची संख्या कमी होऊन त्यांना सुनावणीसाठी उपस्थित राहण्याची गरज भासणार नाही. डिजिटलायझेशनची प्रक्रिया पूर्ण करण्यासाठी आणखी तीन दिवसांचा कालावधी असून, या कालावधीत उर्वरित सर्व काम पूर्ण करण्यात येणार आहे. एकूण मतदारांच्या तुलनेत हे प्रमाण ३१.७१ टक्के असून, एवढे मतदार मतदारयादीतून वगळण्यावर शिक्कामोर्तब होणार आहे. प्रामुख्याने शिवाजीनगर, कोथरूड, खडकवासला आणि हडपसर या मतदारसंघांतील सर्वाधिक मतदार मृत, स्थलांतरित किंवा ‘नॉट रेडी टू साइन’ या वर्गवारीत असल्याने त्यांनी अर्ज जमा केले नसल्याचे उघड झाले आहे. ‘एसआयआर’अंतर्गत वितरित करून जमा झालेल्या अर्जांपैकी ९९.९९ टक्के अर्जांच्या डिजिटायझेशनची प्रक्रिया पूर्ण झाली आहे.
सर्वाधिक २ लाख ९८ हजार मतदार हे हडपसर विधानसभा मतदारसंघातून तर कसबा विधानसभा मतदारसंघातून सर्वात कमी ९२ हजार मतदार अपात्र
|
मतदारसंघ
|
मतदारसंख्या
|
पात्र मतदार
|
पात्रता प्रमाण
|
|
209-शिवाजीनगर
|
292851
|
162618
|
55.53
|
|
214-पुणे कॅन्टोन्मेंट (SC)
|
301152
|
179306
|
59.54
|
|
215-कसबा पेठ
|
284672
|
192087
|
67.48
|
|
212-पर्वती
|
371234
|
219214
|
59.05
|
|
206-पिंपरी (SC)
|
401975
|
236148
|
58.75
|
|
210-कोथरूड
|
448055
|
240776
|
53.74
|
|
199-दौंड
|
323099
|
269119
|
83.29
|
|
196-आंबेगाव
|
317947
|
276465
|
86.95
|
|
195-जुन्नर
|
329754
|
282773
|
85.75
|
|
204-मावळ
|
382788
|
290723
|
75.95
|
|
200-इंदापूर
|
347141
|
294925
|
84.96
|
|
202-पुरंदर
|
497770
|
309495
|
62.18
|
|
208-वडगाव शेरी
|
518754
|
314652
|
60.66
|
|
211-खडकवासला
|
597114
|
318662
|
53.37
|
|
197-खेड आळंदी
|
378713
|
322660
|
85.2
|
|
201-बारामती
|
380923
|
336057
|
88.22
|
|
213-हडपसर
|
651473
|
352927
|
54.17
|
|
203-भोर
|
450206
|
359280
|
79.8
|
|
198-शिरूर
|
481990
|
372007
|
77.18
|
|
205-चिंचवड
|
687448
|
417351
|
60.71
|
|
207-भोसरी
|
635114
|
463129
|
72.92
|
|
एकूण
|
9080173
|
6210374
|
68.39
|
|
मतदारसंघ
|
मतदारसंख्या
|
अपात्र मतदार
|
अपात्रता प्रमाण
|
|
196-आंबेगाव
|
317947
|
41482
|
13.05
|
|
201-बारामती
|
380923
|
44866
|
11.78
|
|
195-जुन्नर
|
329754
|
46981
|
14.25
|
|
200-इंदापूर
|
347141
|
52216
|
15.04
|
|
199-दौंड
|
323099
|
53980
|
16.71
|
|
197-खेड आळंदी
|
378713
|
56053
|
14.8
|
|
203-भोर
|
450206
|
90926
|
20.2
|
|
204-मावळ
|
382788
|
92065
|
24.05
|
|
215-कसबा पेठ
|
284672
|
92585
|
32.52
|
|
198-शिरूर
|
481990
|
109982
|
22.82
|
|
214-पुणे कॅन्टोन्मेंट (SC)
|
301152
|
121846
|
40.46
|
|
209-शिवाजीनगर
|
292851
|
130233
|
44.47
|
|
212-पर्वती
|
371234
|
152020
|
40.95
|
|
206-पिंपरी (SC)
|
401975
|
165827
|
41.25
|
|
207-भोसरी
|
635114
|
171985
|
27.08
|
|
202-पुरंदर
|
497770
|
188275
|
37.82
|
|
208-वडगाव शेरी
|
518754
|
204102
|
39.34
|
|
210-कोथरूड
|
448055
|
207279
|
46.26
|
|
205-चिंचवड
|
687448
|
270097
|
39.29
|
|
211-खडकवासला
|
597114
|
278449
|
46.63
|
|
213-हडपसर
|
651473
|
298546
|
45.83
|
|
एकूण
|
9080173
|
2869795
|
31.61
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मतदार याद्यांच्या विशेष सखोल पुनरीक्षण मोहिमेपूर्वी शहरातील आठ विधानसभा मतदारसंघात ३४ लाख ६५ हजार मतदार होते. आता या मोहिमेत अनुपस्थित, स्थलांतरित मृत आणि दुबार मतदारांची नावे वगळण्यात येणार आहेत. त्यानुसार आता या आठही विधानसभा मतदारसंघांमधील १४ लाख ८५ हजार अर्थात ४२ टक्के मतदारांची नावे वगळली जाणार आहेत. सर्वाधिक २ लाख ९८ हजार मतदार हे हडपसर विधानसभा मतदारसंघातून वगळले जाणार असून सर्वात कमी ९२ हजार मतदार हे कसबा विधानसभा मतदारसंघातून वगळण्यात येणार आहेत. ही प्रारूप यादी आता ३१ ऑगस्ट रोजी प्रसिद्ध करण्यात येणार आहे.
शहरात वडगाव शेरी, शिवाजीनगर, कोथरुड, खडकवासला, पर्वती, हडपसर , पुणे कॅन्टोन्मेंट आणि कसबा पेठ अशा आठ विधानसभा मतदारसंघाचा समावेश होतो. शहरातील आठ मतदारसंघ मिळून एकूण ३४ लाख ६५ हजार ३०५ इतके मतदार होते. तर आता एसआयआर मोहिमेनंतर शहरात संभाव्य यादीनुसार १९ लाख ८० हजार २४२ इतके मतदार राहणार आहेत.एसआयआर मोहिमेत मतदार यादीतील प्रत्येक मतदाराला गणना अर्ज देण्यात आला. या अर्जावर मतदाराचे नाव, ओळखपत्र क्रमांक, पत्ता, मतदार यादीतील अनुक्रमांक, भाग क्रमांक, विधानसभा, लोकसभा मतदारसंघाचे नाव आणि मतदाराचे छायाचित्र आदी होती. हा अर्ज मतदाराला देऊन मतदाराचे २००२ यादीमधील आई, वडील यांची माहिती भरावयाची होती. तसेच आधार क्रमांक आणि फोटो घेण्यात आले. अशा प्रकारे हा अर्ज घेऊन त्याची माहिती अपलोड करण्यात आली.
संभाव्य प्रारूप मतदार यादीनुसार वडगाव शेरी विधानसभा मतदारसंघात वगळण्यात आलेल्या संभाव्य मतदारांची संख्या ही २ लाख ४ हजार १०२ इतकी आहे. एकूण मतदारांच्या तुलनेत वगळण्यात आलेल्या मतदारांची टक्केवारी ही ३९.३४ टक्के इतकी आहे. तर शिवाजीनगर विधानसभा मतदारसंघात वगळण्यात आलेल्या मतदारांची संख्या १ लाख ३० हजार २३३ इतकी आहे. हे प्रमाण ४४.४७ टक्के इतके आहे.
कोथरुड मतदारसंघात वगळण्यात आलेल्या मतदारांची संख्या २ लाख ७ हजार २७९ इतकी आहे. हे प्रमाण ४६.२६ टक्के इतके आहे. खडकवासला मतदारसंघातून २ लाख ७८ हजार ४४९ म्हणजेच ४६.६३ टक्के, पर्वती मतदारसंघातील १ लाख ५२ हजार २० म्हणजेच ४०.९५ टक्के, हडपसरमधील २ लाख ९८ हजार ५४६ म्हणजेच ४५.८३ टक्के, पुणे कॅन्टोन्मेंट मतदारसंघातील १ लाख २१ हजार ८४६ मतदार म्हणजेच ४०.४६ टक्के आणि कसबा पेठ विधानसभा मतदारसंघातील ९२ हजार ५८५ म्हणजेच ३२.५२ टक्के मतदारांची नावे वगळली जाणार आहेत.
दरम्यान केंद्रीय निवडणूक आयोगाने प्रारूप मतदार यादी प्रसिद्ध करण्यासाठी ३१ ऑगस्टची मुदत दिली आहे. ही मुदत यापूर्वी २४ ऑगस्ट होती. सुधारित कार्यक्रमानुसार मतदान केंद्रांचे सुसूत्रीकरण व पुनर्रचना २४ ऑगस्ट २०२६ पर्यंत पूर्ण करण्यात येणार आहे. त्यानंतर ३१ ऑगस्ट २०२६ रोजी प्रारूप मतदार यादी प्रसिद्ध करण्यात येणार आहे. प्रारूप मतदार यादीसंदर्भात ३१ ऑगस्ट ते ३० सप्टेंबर या कालावधीत दावे व हरकती दाखल करता येऊ शकतील. तसेच ३१ ऑगस्ट ते २९ ऑक्टोबर या कालावधीत दावे व हरकतींबाबत नोटीस देणे तसेच सुनावणी करण्यात येईल. अंतिम मतदार यादी ४ नोव्हेंबर २०२६ रोजी प्रसिद्ध करण्यात येणार आहे.
मावळ विधानसभा मतदारसंघातील तब्बल ९२ हजार ६५ मतदार अपात्र
विशेष सखोल पुनरिक्षण अर्थात एसआयआर प्रक्रियेत मावळ विधानसभा मतदारसंघातील तब्बल ९२ हजार ६५ मतदारांची नावे आढळून आलेली नाहीत. मतदारसंघातील ३ लाख ८२ हजार ७७८ मतदारांपैकी २ लाख ९० हजार ७२३ मतदारांची नोंद निश्चित झाली आहे. त्यामुळे २४.०५ टक्के मतदारांची नोंद पुनरिक्षणात निश्चित होऊ शकलेली नाही. या आकडेवारीमुळे संबंधित मतदारांच्या नावांबाबत पुढील कार्यवाही काय होणार, याकडे लक्ष लागले आहे. मावळ विधानसभा मतदारसंघातील ७५.९५ टक्के मतदारांची नोंद निश्चित झाली आहे. मात्र, उर्वरित २४.०५ टक्के मतदारांची ओळख, आवश्यक कागदपत्रे किंवा संबंधित नोंदी उपलब्ध न झाल्याने त्यांची नावे पुनरिक्षण प्रक्रियेत निश्चित झालेली नाहीत.
पुणे जिल्ह्यात २८ लाख ६६ हजार ४८१ मतदार वगळले
पुणे - मतदार याद्यांच्या विशेष सखोल पुनरीक्षण मोहिमेंतर्गत पुणे जिल्ह्यातील २१ विधानसभा मतदारसंघांची प्रारूप मतदार यादी सोमवारी (दि. ३१) प्रसिद्ध करण्यात आली. पुनरीक्षणापूर्वीच्या यादीत एकूण ९० लाख ८० हजार १७३ मतदार होते. प्रारूप यादीत ही संख्या ६२ लाख १३ हजार ६९२ झाली आहे. त्यामुळे जुन्या यादीच्या तुलनेत २८ लाख ६६ हजार ४८१ मतदारांची, म्हणजेच सुमारे ३१.५७ टक्के घट नोंदविण्यात आली आहे. त्यात पुरुषांची संख्या १५ लाख ३० हजार १५ ने घटली आहे. तर महिला मतदार १३ लाख ३५ हजार ९८३ व इतर ४८३ मतदार घटले आहेत.
मतदारांची नावे एकापेक्षा अधिक ठिकाणी असणे, मृत्यू, संबंधित पत्त्यावर मतदार न सापडणे, कायमस्वरूपी स्थलांतर तसेच अन्य कारणांमुळे ही नावे प्रारूप यादीतून वगळण्यात आल्याचे आकडेवारीवरून स्पष्ट होते. १८ जूनच्या मतदार यादीत जिल्ह्यात ४६ लाख ८१ हजार ३१२ पुरुष, ४३ लाख ९७ हजार ९९५ महिला आणि ८६६ तृतीयपंथी मतदार होते. प्रारूप यादीत पुरुष मतदारांची संख्या ३१ लाख ५१ हजार २९७, महिला मतदारांची संख्या ३० लाख ६२ हजार १२, तर इतर मतदारांची संख्या ३८३ झाली आहे.
हरकतीप्रारूप मतदार यादीवर नागरिकांना ३१ ऑगस्ट ते ३० सप्टेंबर या कालावधीत दावे आणि हरकती दाखल करता येणार आहेत. दावे व हरकतींच्या निपटाऱ्याची प्रक्रिया २९ ऑक्टोबरपर्यंत चालणार असून, अंतिम मतदार यादी ४ नोव्हेंबर रोजी प्रसिद्ध केली जाणार आहे. प्रारूप मतदार यादीशी संबंधित एकूण १३ लाख ३२ हजार ४१८ प्रकरणांवर सुनावणी घेतली जाणार आहे. यामध्ये मतदारांच्या नाव, पत्ता आणि इतर तपशिलांतील त्रुटींशी संबंधित ५ लाख ७७ हजार ८२१ प्रकरणे, तर २००२च्या मतदार यादीशी नोंद जुळत नसलेल्या किंवा त्या यादीत समावेश नसलेल्या ७ लाख ५४ हजार ५९७ मतदारांची प्रकरणे आहेत. एकूण सुनावण्यांपैकी सुमारे ४३.३७ टक्के प्रकरणे तपशिलांतील त्रुटींशी, तर ५६.६३ टक्के प्रकरणे २००२ च्या यादीशी नोंद न जुळण्याशी संबंधित आहेत.
पुणे जिल्ह्यातील सर्वाधिक १ लाख २२ हजार २२५ सुनावण्या हडपसर मतदारसंघात होण्याची शक्यता आहे. त्याखालोखाल खडकवासला मतदारसंघात १ लाख ३ हजार ७०६, तर चिंचवडमध्ये १ लाख ३ हजार १३ प्रकरणांवर सुनावणी होणार आहे.या यादीमध्ये नाव नसल्यास अर्ज क्रमांक ६ भरून नव्याने मतदार नोंदणी करावी. तसेच यादीतील नावामध्ये आक्षेप असल्यास अर्ज क्रमांक ७ भरून आक्षेप नोंदविता येणार आहे. मतदार यादीमध्ये दुरुस्ती आणि मतदार कार्ड घेण्यासाठी अर्ज क्रमांक ८ भरता येईल आणि दुरुस्ती करून घेता येईल. प्रारूप मतदार यादीमध्ये समाविष्ट मतदारांच्या तपशिलात तफावत आढळल्यास तसेच २००२ च्या मतदार यादीशी ज्यांची जुळणी झालेली नाही, अशा मतदारांसाठी संबंधित यादी भागाच्या सहायक मतदार नोंदणी अधिकाऱ्यांच्या स्तरावर सुनावणी घेण्यात येणार आहे. सुनावणीनंतर संबंधित मतदाराचे नाव अंतिम मतदार यादीत समाविष्ट करायचे किंवा नाही, याबाबत निर्णय घेतला जाणार आहे.
Mr. Chandrakant Bhujbal
POLITICAL RESEARCH & ANALYSIS BUREAU (PRAB) PUNE
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